Examine This Report on naat lyrics ala hazrat
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naat lyrics urdu
The Naat is really a poetic representation of Actual physical and spiritual perfection (peace and blessings be on him) along with the high rank with the Holy Prophet.
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आप की गर्द-ए-राह को, आक़ा ! चाँद-तारे सलाम कहते हैं
मैं तूफ़ान के दरमियां हूँ और आंधी चल रही है
तुझे जाना जाता है दोनों आलमों का बादशाह
मालो ज़र हो ये हमारा या के इ़ल्म ओ फ़न हुज़ूर।
ज़ाइर-ए-तयबा तू मदीने में प्यारे आक़ा से इतना कह देना
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चाँद जिन पर निसार होता है और सितारे सलाम कहते हैं
या हुसैन इब्न-ए-'अली ! या हुसैन इब्न-ए-'अली !
कहाँ जाए, आक़ा ! ये मँगता भला मदीना बुला लीजिए वो रमज़ान तेरा, वो दालान तेरा वो अज्वा, वो ज़मज़म, ये मेहमान तेरा तेरे दर पे इफ़्तार का वो मज़ा मदीना बुला लीजिए जहाँ के सभी ज़र्रे शम्स-ओ-क़मर हैं जहाँ पे अबू-बक्र-ओ-'उस्माँ, 'उमर हैं जहाँ जल्वा-फ़रमा हैं हम्ज़ा चचा मदीना बुला लीजिए हुआ है जहाँ से जहाँ ये मुनव्वर जहाँ आए जिब्रील क़ुरआन ले कर मुझे देखना है वो ग़ार-ए-हिरा मदीना बुला लीजिए जिसे सब हैं कहते नक़ी ख़ाँ का बेटा वो अहमद रज़ा है बरेली में लेटा उसी आ'ला
नबी का लब पर जो ज़िक्र है बे-मिसाल आया, कमाल आया !
मेरे ग़ौस की ठोकर ने मुर्दों को जिलाया है
अल-मदद, पीरान-ए-पीर ! ग़ौस-उल-आ'ज़म दस्त-गीर !